दुनियाभर के नेताओं से UN प्रमुख बोले- विश्व कभी भी इतना विभाजित नहीं था, हम रसातल के कगार पर हैं

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 संयुक्त राष्ट्र 
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने मंगलवार को विश्व नेताओं से कहा कि विश्व कभी भी इतना अधिक विभाजित नहीं हुआ था या इतना अधिक संकट से नही गुजरा था। उन्होंने कोविड -19 महामारी, जलवायु संकट और अफगानिस्तान और अन्य देशों में शांति को प्रभावित करने वाले उथल-पुथल का जिक्र करते हुए आगाह किया कि विश्व गंभीर संकट का सामना कर रहा है। गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र की आम बहस की शुरुआत के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकार निशाने पर है, विज्ञान पर हमले हो रहे हैं और सबसे कमजोर लोगों के लिए आर्थिक उम्मीद बहुत कम तथा बहुत देर से आ रही है। इसके लिए कार्रवाई में एकजुटता नहीं है जबकि दुनिया को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

हम रसातल के कगार पर हैं
उन्होंने कहा कि मैं यहां आगाह कर रहा हूं, विश्व को जगना चाहिए। हम रसातल के कगार पर हैं और गलत दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारी दुनिया के लिए कभी भी इतना अधिक संकट नहीं था। या इतनी अधिक विभाजित नहीं थी। हम अपने जीवन काल में सबसे बड़े संकटों का सामना कर रहे हैं। पिछले साल कोविड -19 महामारी के कारण वार्षिक उच्चस्तरीय सप्ताह भर की बैठक डिजिटल तरीके से की गई थी। लेकिन इस बार यह 'हाइब्रिड' प्रारूप में लौट आया है जिसमें 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ ही विदेश मंत्रियों और राजनयिकों को प्रतिष्ठित महासभा कक्ष में उपस्थित होकर संबोधित करने का कार्यक्रम है। 
 
दुनिया के सामने मौजूद संकटों का जिक्र करते हुए गुतारेस ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने भयावह असमानताओं को बढा दिया है, वहीं जलवायु संकट ग्रह को परेशान कर रहा है, अफगानिस्तान से इथियोपिया से यमन और अन्य स्थानों पर उथल-पुथल ने शांति को बाधित कर दिया है और दुष्प्रचार लोगों का ध्रुवीकरण कर रही है और समाज को पंगु बना रही है।    उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से 46 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई और वैश्विक स्तर पर 22.8 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हुए। इस बीमारी के टीके ने पहुंच और सामर्थ्य को लेकर विभिन्न देशों के बीच स्पष्ट असमानताओं को पर्दाफाश कर दिया है।
 

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