बाबुल सुप्रियो बीजेपी छोड़ने पर बोले- मेसी बार्सिलोना नहीं छोड़ना चाहते थे, उदास मन से गए

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नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी (BSF) को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ज्वाइन करने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा है कि उन्होंने उदास मन के साथ इस्तीफा दिया। पश्चिम बंगाल के आसनसोल से सांसद बाबुल सुप्रियो पिछले हफ्ते टीएमसी में शामिल हो गए। लगभग एक महीने पहले उन्होंने बीजेपी से इस्तीफा देते हुए सक्रिया राजनीति से रिटायरमेंट की घोषणी की थी। बीजेपी छोड़ने पर सुप्रियो ने कहा कि मेसी बर्सीलोना नहीं छोड़ना चाहते थे, लेकिन उदास मन से चल गए। कभी पश्चिम बंगाल भाजपा में टीएमसी विरोधी चेहरा माने जाने वाले बाबुल सुप्रियो ने इंडिया टुडे टीवी को दिए एक इंटरव्यू में तृणमूल कांग्रेस में जाने के अपने फैसले के बारे में बात की। बीजेपी क्यों छोड़ने के सवाल पर बाबुल सुप्रियो ने कहा कि कुछ लोग इसे एक अवसर के रूप में देखते हैं, लेकिन यह एक ऐसी जगह हैं जिसे मुझे प्यार और विश्वास के साथ स्वीकार किया गया है। सुप्रियो ने कहा कि उन्हें लगता है कि मैं योगदान दे सकता हूं। मैं यहां जनता के पैसे पर सभी सुविधाओं का आनंद लेने या फिर कुछ करने नहीं आया हूं।

एक सवाल के जवाब के जवाब बाबुल सुप्रियो ने कहा कि मेसी बार्सिलोना नहीं छोड़ना चाहते थे। वह उदास मन से गए। लेकिन हालात ऐसे थे कि उन्हें पीएसजी (पेरिस सेंट-जर्मेन फुटबॉल क्लब) के लिए रवाना होना पड़ा। उन्होंने चैंपियंस लीग के पिछले मैचों में पीएसजी के खिलाफ स्कोर किए थे। अब जब वह पीएसजी के लिए खेल रहा है, तो क्या आप उससे बार्सिलोना के नोउ कैंप (घरेलू मैदान) में होने की उम्मीद करते हैं और बार्सिलोना के खिलाफ स्कोर नहीं करते हैं? सुप्रियो ने आगे कहा कि मैं नहीं चाहता कि संसदीय राजनीति में मेरे सात साल बर्बाद हों। मुझे अपने प्रतिद्वंद्वियों से शानदार मौका मिला, जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। यह सब पिछले पांच दिनों में हुआ है। सभी दलों की विचारधारा जनता के लिए काम कर रही है। टीएमसी और ममता के खिलाफ दिए गए सभी बयानों का क्या? के सवाल पर सुप्रियो ने कहा कि यह वामपंथियों ने किया था। अगर मुझे बंगाल में टीएमसी विरोधी चेहरे के रूप में देखा गया, तो उसका सम्मान क्यों नहीं किया गया? आपको मेरे पिछले मालिकों से यह पूछने की जरूरत है। सुप्रियो ने आगे कहा 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जी का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे भाजपा में एक मंच दिया और मुझे पिछले सात वर्षों में संसदीय राजनीति सीखने दी।' उन्होंने कहा कि 2014 में, मैंने मैंने भाजपा से मेरा नाम सूची में डालने को कहा और मैं आपको एक सीट दिलाऊंगा। मैंने 2014 में और फिर 2019 में ऐसा किया।
 

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