शराब तस्करों व सटोरियों की गुंडागर्दी, गणेश विसर्जन के लिए निकाली गई झांकी में पुलिस के सामने दिखाई दबंगई

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तिल्दा नेवरा
राजधानी रायपुर में नए पुलिस कप्तान आने के बाद रायपुर शहर सहित आसपास के थानों में शराब तस्करों, सट्टेबाजों और गुंडागर्दी करने वालों को चुन-चुन कर पुलिस कार्रवाई कर रही है. ताकि इनकी गुंडागर्दी पर रोक लगाई जा सके. लेकिन तिल्दा में शराब तस्करी व सट्टे से जुड़े अपने आप को भाजपा समर्थक बताकर गुंडागर्दी करने वाले युवकों ने बुधवार की रात गणेश झाँकी के नाम पर जिस प्रकार पुलिस के सामने दबंगई दिखाई गई, उसे जहां पुलिस प्रशासन की थू-थू हो रही. वहीं शहरवासी भी सहमे हुए हैं। लोगों का कहना है कि अभी तक यह सुना जाता था कि पुलिस जिस पर मेहरबान हो उनका कोई वाला बाल बांका नहीं कर सकता. लेकिन आज हमने जब रूबरू देखा, तो समझ में आ गया कि कहावत शत प्रतिशत सत्य है।

तिल्दा-नेवरा में बुधवार की रात गणेश विसर्जन के लिए झांकी निकाली गई थी। झांकी निकालने के पहले यह तय किया गया था कि गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रात 10 बजे तक हर हालत में किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आदेश को धता दिखाते हुए गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन रात 12 बजे के बाद तक चलता रहा। यह पहली बार था जब 6 से 7 गणेश समिति के सदस्यों ने एक साथ विसर्जन की झांकी निकाली. शहरवासी भी झांकी देखने के लिए काफी उत्सुक थे। लेकिन एक समिति के द्वारा पुलिस के सामने जिस प्रकार से झांकी के दौरान दबंगई की, उससे झांकी देखने वाले लोगों की संख्या तो आधी हो गई।

दरअसल उस झांकी में ऐसे लोग थे, जो शहर में सट्टा किंग के नाम से जाने जाते हैं और खुलेआम शराब की तस्करी करते हैं। रात को झांकी जब सिंधी कैंप में एसबीआई एटीएम के पास पहुंची तो पीछे चल रही समिति वालों से उनका विवाद हो गया। दरअसल पीछे चल रही झांकी जिस समिति की थी वे समय पर विसर्जित करना चाह रहे थे। पहले चल रही झाँकी वालों को मंजूर नहीं था। वे यह कह कर दबंगई करने लगे कि सारी झांकियां उनके पीछे चलेगी। इस बीच पीछे चल रही झांकी वालों ने पुलिस प्रशासन के सामने भी अपनी बात को रखा, लेकिन पुलिस प्रशासन दबंगई करने वाले सटोरियों और तस्करों के सामने बौनी नजर आने लगे। इसी बीच टीआई शरद चंद्रा जो भीड़ में सिविल ड्रेस में चल रहे थे, कुछ लोगों ने उनसे झांकी को आगे जाने के लिए निवेदन किया, लेकिन शहर के सिंघम कहलाने वाले टीआई ने भी हाथ खड़े कर दिए। इसी बीच लोगों का आक्रोश बढ़ गया। टीआई वापस हेड क्वार्टर गए और वर्दी पहन कर वापस जुलूस में पहुंच गए। ताकि विवाद को टाला जा सके। बाद में टीआई और पुलिस कर्मियों ने दबाव बनाया, तब जाकर दबंगई ठंडे पड़ गए। और जब पुलिस प्रशासन को एहसास हुआ कि जिस धीमी रफ्तार से झांकियां चल रही है, ऐसी स्थिति रही तो रात 2 से 3 बज जाएंगे। तब टीआई ने सख्ती दिखाते हुए सभी झांकियों के धमाल बैंड और डीजे को बंद कराया और तेजी के साथ विसर्जन के लिए तालाब पहुंचने के आदेश दिए।

हालांकि पुलिस के सामने में जिस प्रकार से दबंगई हुई है वह सड़कों पर लगे सीसी कैमरों में कैद है। कई लोगों ने फुटेज भी निकलवा रखे हैं। गणेश विसर्जन झांकी की आड़ में जिस प्रकार से माहौल को बिगाड?े की कोशिश की गई, इससे न केवल पुलिस की किरकिरी हो हो रही है। लोग शेम शेम कर रहे हैं। शहर में इस घटना की दिनभर चर्चा होती रही। और यह भी चर्चा होती रही कि अब शहर में गुटबाजी के चलते कभी भी दोनों गुटों में मारपीट हो सकती है और शहर का माहौल बिगड़ सकता है।

बख्शे नही जायेगे गुंडागर्दी करने वाले
शहर में गुंडागर्दी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यदि उनके द्वारा किसी से मारपीट की जाती है या शहर के शांत माहौल को बिगाड?े की कोशिश की गई, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाहे फिर वह कितना बड़ा नेता क्यों ना हो, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
टीआई शरद चंद्रा थाना तिल्दा नेवरा

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