कैबिनेट बैठक: मानव संग्रहालय म्यूजियम निर्माण में ठेकेदार को किया डेढ़ करोड़ से उपकृत

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भोपाल
इंदिरा गांधी राष्टÑीय मानव संग्रहालय के इंडोर म्यूजियम निर्माण में अतिरिक्त निर्माण और  स्वीकृत दरों से अधिक भुगतान ठेकेदार को उपकृत कर सरकार को एक करोड़ 42 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाने वाले लोक निर्माण विभाग के रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री दिनेश अग्रवाल की पूरी पेंशन रोकने का निर्णय आज कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। वहीं एनएचडीसी खंडवा से रिटायर डिप्टी कलेक्टर संतोष कुमार सक्सेना की भी पेंशन वापस लिए जाने का फैसला किया जाएगा। अनियमितताओं में लिप्त रहे चार बड़े अफसरों के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई करने का निर्णय लेगी।

खंडवा में एनएचडीसी में पदस्थ रहने के दौरान भूअर्जन में वित्तीय अनियमितताओं के चलते कोर्ट से सजा पाने वाले  डिप्टी कलेक्टर संतोष सक्सेना की बकाया पेंशन वापस लेने का निर्णय आज कैबिनेट में लिया जाएगा। सक्सेना ने भूअर्जन वितरण में अनियमिता करते हुए कई लोगों को उपकृत किया था। इस मामले में कोर्ट से सजा मिलने के बाद वे वरिष्ठ न्यायालय में अपील में गए थे। वहां उन्हें कोई राहत नहीं दिए जाने के कारण अब सरकारी राजस्व को हुए घाटे की भरपाई करने के लिए उनकी बाकी पेंशन वापस लेने का निर्णय लिया जाएगा।

इसी तरह श्योपुर में पदस्थ रहे तत्कालीन वन क्षेत्रपाल वीरेन्द्र सिन्हा के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने पर भी निर्णय लिया जाएगा। राज्य सरकार ने अनियमितताओं के चलते रिटायर होंने से पहले उन्हें चार्जशीट दे दी थी। दमोह मे ंपदस्थ रहे सेवानिवृत्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके बजाज द्वारा की गई वित्तीय अनियमितताओं के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्णय भी आज कैबिनेट में लिया जाएगा।

उपचार के दौरान जांन गवाने वाले एसडीओपी नसरुल्लागंज स्वर्गीय रामकुमार भदौरिया के राज्य के बाहर कराए गए उपचार के बिलों का भुगतान करने के संबंध मे भी निर्णय लिया जाएगा।

लोक निर्माण के कार्यपालन यंत्री रहे दिनेश अग्रवाल और राज्य आवंटन के बाद वर्तमान में छत्तीसगढ़ पदस्थ अधीक्षण यंत्री जीएम कृपलानी ने इंदिरा गांधी मानव संग्रहालय के इंडोर म्यूजियम के निर्माण में ठेकेदार दयाल डेटानी के साथ मिलकर सरकारी खजाने को एक करोड़ 40 लाख की चपत लगाई थी। वे राजधानी परियोजना प्रशासन में पदस्थ थे। उन्होंने ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर में एक्स्ट्रा आयटम के रूप में दर्शाकर अतिरिक्त निर्माण का टेडर में स्वीकृत दरों से काफी अधिक बढ़ी हुई दरों से भुगतान कराया।

इस मामले में शिकायत के बाद जांच हुई और विशेष न्यायालय से  दिनेश अग्रवाल को एक मामले में चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपए के अर्थदंड की सजा तथा दूसरे मामले में एक लाख रुपए के अर्थदंड और चार साल के सश्रम कारावास तथा राशि जमा नहीं करने पर छह-छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा  सुनाई गई। जीएम कृपलानी का मामला छत्तीसगढ़ सरकार को आगे की कार्यवाही के लिए भेजा गया।  न्यायालय से सजा होने के बाद अब राज्य सरकार दिनेश अग्रवाल की संपूर्ण पेंशन वापस करने का निर्णय लेने जा रही है। आज शाम होंने वाली कैबिनेट में इससंबंध में निर्णय लिया जाएगा।

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