कैट ने पियूष गोयल से एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ सीसीआई द्वारा फास्ट ट्रैक जांच करने किया आग्रह

0
101

बिलाशपुर
एमेजॉन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ सीसीआई जांच को फास्ट ट्रैक मोड में करने का आग्रह करते हुए, कन्फेडरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भेजे एक पत्र में उनसे कहा की न्याय की दृष्टि से वो सीसीआई को अमेजॉन एवं फ्लिपकार्ट के खिलाफ चल रही जांच को फास्ट ट्रैक मोड पर करने का निर्देश दें। कैट एवं दिल्ली व्यापार महासंघ ने सीसीआई में इन दोनों कंपनियों के खिलाफ अनेक शिकायतें दर्ज की हुई हैं, जिन पर सीसीआई ने जांच का आदेश दिया हुआ है।

कैट ने कहा है कि जांच में लम्बा समय लगने से दोनों ई-टेलर्स को जंच से सम्बंधित रिकॉर्ड में हेरा फैरी करने और सबूतों के साथ छेद छाड़ करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा जिससे न्याय में देरी -न्याय से इनकार की कहावत सिद्ध हो सकती है। कैट ने यह भी कहा कि यह  मामला लगभग दो साल से लटका हुआ  है और जांच की कोई भी धीमी प्रक्रिया जांच के उद्देश्य को ही खत्म कर देगी। इस मामले को कैट ने सितंबर, 2019 में वाणिज्य मंत्रालय के साथ उठाया था। उधर दूसरी तरफ कैट ने  गोयल, जो उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी हैं, से उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तावित ई कॉमर्स नियमों को तुरंत लागू करने का आग्रह भी किया है वहीं  केंद्र सरकार द्वारा ई कॉमर्स नीति को भी जल्द से जल्द लागू करने का भी आग्रह किया है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष  जितेन्द्र दोशी ने गोयल को भेजे पत्र में कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अमेजॅन और फ्लिपकार्ट दोनों की जांच पर रोक लगाने की अपील को खारिज किये जाने के बाद अब गोयल सीसीआई को समयबद्ध अवधि में जांच सुनिश्चित करने के लिए दोनों कंपनियों के खिलाफ जांच को फास्ट ट्रैक मोड पर जारी रखने के लिए निर्देशित करें। उन्होंने आशंका जताई कि सीसीआई द्वारा जांच की सामान्य प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है जिसमें जांच के उद्देश्य को विफल करने हेतु दोनों कंपनियां जांच में विलंब करने  के लिए अनेक प्रकार के हथकंडे का उपयोग करने कर सकते हैं और इस बीच ये कंपनियां हमेशा की तरह अपने अनुचित व्यापारिक मॉडल को जारी रखेंगी जिससे देश के छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं को काफी नुकसान होगा। जांच का लम्बा समय अभिलेखों के प्रबंधन और सबूतों से छेड़छाड़ करने के लिए पर्याप्त समय भी देंगे। इसलिए न्याय देने के उद्देश्य से एक निर्धारित समयबद्ध अवधि के तहत सीसीआई द्वारा जांच को फास्ट ट्रैक मोड पर रखना आवश्यक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here