पायलट प्रोजेक्ट में भी नहीं सुलझे घरेलू विवाद, 400 मामलों का हुआ निराकरण

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भोपाल
पारिवारिक विवादों को सुलझाने के लिए शुुरू की गई आॅनलाइन कॉउंसिलिंग भी अपनों को एक दूजे के करीब नहीं ला पाई। अंत में ऐसे 900 मामलों में केस दर्ज किया गया है। दरअसल, मध्य प्रदेश पुलिस ने स्टेट लीगल अथारिटी की पहल पर सालों से एक दूसरे को दुश्मन बना बैठे रिश्तेदारों को नजदीक लाने के लिए आॅनलाइन व्यवस्था की थी।

शुरूआती तौर पर इसे भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में संचालित किया था। इस व्यवस्था के तहत घरेलू विवादों को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को आॅनलाइन बैठाकर उनका मनमुटाव दूर करने का प्रयास किया गया लेकिन 900 मामले ऐसे सामने जिसमें कोई हल नहीं निकल पाया।      

कोरोना संकट के दौर में घरेलू विवाद बढ़ते जा रहे थे। इसके चलते अपनों में दूरियां और बढ़ रहीं थीं ऐसे में आॅनलाइन काउंसिलिंग करके मामलों को सुलझाने की शुरुआत की गई। इसमें मध्यस्थता कराने वाले लोग प्रशिक्षण प्राप्त थे।

कुल 2240 प्रकरण मध्यस्थता के लिए रखे गए। 400 मामलों में समझौता हुआ और पारिवारिक विवाद समाप्त हुए। आवेदकों को घर से ही मोबाइल सहित अन्य आॅनलाइन माध्यमों से जुड़ने की अनुमति दी गई।  इस सुलह की कानूनी मान्यता भी है, क्योंकि जिला जज की कोर्ट से यह काउंसिलिंग की गई।

ई-काउंसिलिंग शुरू करने का एक कारण यह भी बताया जा रहा था कि इस माध्यम से मध्यस्थता में अन्य लोगों का दखल कम रहता है। अक्सर यह देखने को मिलता है कि साधारण तरीके से सुलह के दौरान अन्य रिश्तेदार या दोस्त मौके पर मौजूद होते हैं। किसी विवाद को सुलझाने में वे भी अपने तर्क प्रस्तुत करते हैं इससे कई बार विवाद सुलझने के बजाए बढ़ जाता है।

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