उच्च शिक्षा विभाग : स्टूडेंट्स में बढ़ रहा योग और जैविक खेती का रूझान

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भोपाल
मध्यप्रदेश में अब विषयों को लेकर छात्र-छात्राओं का रुझान बदला हुआ नजर आ रहा है. उच्च शिक्षा विभाग की पहले दूसरे और दूसरे चरण की काउंसलिंग में छात्र-छात्राओं ने योग और जैविक खेती को पसंदीदा सब्जेक्ट के रूप में चुना है. योग, जैविक खेती और व्यक्तित्व विकास को व्यवसायिक पाठ्यक्रम के रूप में अब प्रदेश भर के छात्र-छात्राएं चुन रहे हैं. उच्च शिक्षा विभाग ने फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप की भी अब पहले ही साल से करने की सुविधा दी हुई है.

बता दें कि उच्च शिक्षा विभाग की एडमिशन प्रक्रिया के दो राउंड के बाद योग विषय को स्टूडेंट्स ने पंसदीदा विषय के रूप में स्टूडेंट्स ने चुना है. योग विषय को 86,495 विद्यार्थियो ने, जैविक खेती को 80,104, व्यक्तित्व विकास 77, 833, सूचना प्रौद्योगिकी 28,201, डिजिटल मार्केटिंग 22,511 और पर्यटन विषय को लगभग 17,879 विद्यार्थियों ने व्यावसायिक पाठ्यक्रम के रूप में चुना है. इसके अतिरिक्त जीएसटी के साथ ई-अकाउंटिंग और कराधान विषय को 17,514 तथा चिकित्सा निदान (मेडिकल डायग्नोस्टिक) विषय को लगभग 14,627 विद्यार्थियों ने चुना है.
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार के रूप में विद्यार्थियों को वैकल्पिक विषय चुनने की छूट दी गई है. स्टूडेंट्स अगर चाहे तो अपने संकाय के अलावा किसी अन्य संकाय से भी विषय का चयन कर सकते है. स्टूडेंट्स प्रारंभिक तौर पर कला संकाय से 27, विज्ञान संकाय से 20, वाणिज्य संकाय से 5 एवं अन्य में एनसीसी, एनएसएस और शारिरिक शिक्षा जैसे विषयों का चयन कर सकते हैं.

नई शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा है. ऐसे में विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिये फर्स्ट ईयर के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप/एपरेन्टिसशिप/फील्ड प्रोजेक्ट और कम्युनिटी एंगेजमेंट एंड सर्विस को अनिवार्य किया गया है. फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स को उनके किये गये कार्यों के अंक भी मिलेगे.

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