छतरपुर विश्वविद्यालय में 18 कोर्स के अलावा खोली जाएंगी 21 अध्ययन शालाएं

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भोपाल
शासकीय महाराजा पीजी कालेज छतरपुर को समस्त संसाधनों सहित महाराजा छत्रसाल बुन्देमलखण्डी विश्विविद्यालय में संविलियन करने की कार्यवाही सोमवार को पूर्ण कर ली गई है। इस दौरान रजिस्ट्रार डॉ. जेपी मिश्र, प्राचार्य एलएल कोरी, कुलपति टीआर थापक, एडी सागर डॉ. जीएस रोहित और कलेक्टर प्रतिनिधि एसडीएम यूसी मेहरा मौजूद थे। कुलपति थापक ने कहाकि इसी सत्र से एमएससी कम्प्यूटर साइंस व माइक्रोबायलोजी, एमए चित्रकला व संगीत की कक्षाएं लगना शुरू होंगी। यूजी और पीजी में 14 रोजगारोन्मुखी कोर्स में डिप्लोमा इन माइनिंग साइंस, डिप्लोमा इन टूरिज्म, कम्प्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, इंटरनेट आॅफ थिंग्स, परफॉर्मिंग आर्टस, वेब डिजाइनिंग एंडडेवलपमेंट, सर्टिफिकेट कोर्स में कम्यूूनिकेशन स्किल, डेस्कटोप पब्लिसिंग, एमएस आॅफिस, फोटोशॉप, नेटवर्किंग, कम्प्यूटर एडेडडिजाइन एंड ड्राइंग, डिजिटल मार्केटिंग शामिल हैं। सभी कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार तैयार किये गये हैं। विवि 16 विषयों में शोध कार्य भी इसी सत्र से शुरू करेगा। इससे विश्वरविद्यालय को रूसा और यूजीसी से अनुदान मिल सकेगा। छतरपुर विश्वविद्यालय सितम्बलर में ही पहली शोध उपाधि देने की तैयारी में लगा हुआ है। शोध उपाधि का साक्षात्कार वनस्पति शास्त्र विषय के तहत तय हुई है।

विवि को मिलेगा मेडिकल कालेज
विश्वविद्यालय इसी सत्र से कृषि संकाय भी शुरू होगी। समूचे बुंदेलखंड में सिर्फ सागर में एक मेडिकल कालेज स्थापित किया गया है। पूरे बुंदेलखंड में मेडिकल सेवाओं की स्थिति काफी विपरीत है। इसलिए छतरपुर विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल कॉलेज, डिग्री इन नर्सिंग एवं पर्यटन संस्थान की स्थापना प्रस्तावित है। 1865 में एक उर्दू मदरसे के रूप में स्थापित महाराजा कॉलेज एक विश्वविद्यालय रूप में परिवर्तित किया गया हैं। इससे बुन्देलखंड क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विकास को नए आयाम ही मिलेंगे और वहां के युवाओं को नए कोर्स के माध्यम से रोजगार के अवसर खुलेंगे।

जल्द होगा भवन निर्माण कार्य शुरू
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर, बुंदेलखंड क्षेत्र की ऐतिहासिक, कला, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर को संरक्षित करते हुए ज्ञान का केंद्र बनेगा। यह विश्वविद्यालय बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास में भी योगदान दें। इसके लिए कार्य योजना बनाकर प्रयास किए जाएंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय का नवीन भवन स्वीकृत किया गया है। शीघ्र की निर्माण प्रारम्भ हो जाएगा। विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 18 नए कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष चार अध्ययन विभाग खोले गए थे।

 

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