बिजली ने चीन को दिया जोर का झटका, अंधेरे में रातें काट रहे लोग; अर्थव्यवस्था पर भी बड़ी चोट 

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ब्लूमबर्ग,बीजिंग
चीन में बिजली संकट गहरा गया है। कई राज्यों में लोगों को ना सिर्फ लोगों को अंधेर में रात काटनी पड़ रही है, बल्कि किल्लत इतनी बढ़ गई है कि आर्थिक गतिविधियों के ठप होने से अर्थव्यवस्था को तगड़ी चोट लगने की संभावना जताई जा रही है। ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधा आने से दूसरे देशों पर भी इसका असर पड़ सकता है।  उत्तरी चीन के कई प्रांतों में बिजली की भारी किल्लत है। ट्रैफिक लाइट तक बंद हो जाने की वजह से सड़कों पर अफरा-तफरी का नजारा दिखता है। ऑस्ट्रेलिया से भी बड़े आकार का शहर गुआनदोंग एक औद्योगिक केंद्र हैं। यहां लोगों को घरों में प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल और एसी का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी गई है। यहां फैक्ट्रियों में पहले से ही बिजली कटौती हो रही है।  घरेलू उपभोक्ताओं को भी आ रही दिक्कतों से पता चलता है कि चीन में कितनी तेजी से बिजली संकट बढ़ रहा है, क्योंकि आमतौर पर यहां जब आपूर्ति में कमी होती है तो पहले बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को उपभोग घटाने के लिए कहा जाता है। नोमुरा होल्डिंग्स लिमिटेड और चाइना इंटरनेशनल कैपिटल कॉर्प ने बिजली कमी की वजह से विकास अनुमान को घटा दिया है। फैक्ट्रियों में बिजली कटौती से वैश्विक सप्लाई चेन के प्रभावित होने की भी आशंका बढ़ गई है। 

चीन में बिजली कटौती की दो वजहें हैं। कुछ प्रांतों ने उत्सर्जन लक्ष्य को पूरा करने के लिए औद्योगिक कटौती का आदेश दिया है, जबकि अन्य को बिजली की वास्तविक कमी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कोयले और प्राकृतिक गैस की लागत आसमान पर पहुंच गई है। चीन के सरकारी अखबार ने रविवार को एक संपादकीय में लिखा कि बिजली की कमी से कंपनियों को सामानों की कीमत बढ़ानी होगी। यह अर्थव्यवस्था और समाज के लिए अनावश्यक अव्यवस्था लाएगा। लिओनिंग, जिलिन और हेइलोंगजियांग जैसे उत्तरी प्रांतों को वीकेंड पर ब्लैकआउट का सामना करना पड़ा। ट्रैफिक लाइट बंद रहने से सड़कों पर अव्यवस्था फैल गई। चीनी मीडिया में यह भी कहा जा रहा है कि बिजली की यह किल्लत अगले साल मार्च तक रह सकती है और लोगों को पानी कटौती के लिए भी तैयार रहना चाहिए।  

गुआंदोंग के बिजली प्रशासन ने रविवार को समाज के सभी वर्गों से बिजली संकट में मदद की अपील की। फैक्ट्रियों में पहले ही बड़े पैमाने पर कटौती हो रही है। अब दफ्तरों में कर्मचारियों से कहा गया है कि तीन मंजिल तक जाने के लिए लिफ्ट का इस्तेमाल ना करें। शॉपिंग मॉल्स को विज्ञापन बोर्डों में लगे लाइटों को कम इस्तेमाल करने को कहा गया है तो आम लोगों को प्राकृतिक रोशनी का इस्तेमाल करते हुए एसी को 26 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रखने की सलाह दी गई है।  एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बिजली संकट की वजह से चीन के विकास दर में 0.1 से 0.15 फीसदी  पॉइंट तक की गिरावट आ सकती है। नोमुरा ने पूरे साल के विकास अनुमान को पहले ही 8.2 फीसदी से घटाकर 7.7% कर दिया है। अब बिजली संकट की वजह से  इसमें और कटौती की संभावना है।

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