लोकायुक्त ने नगर पंचायत के दो कर्मचारियों को 1 लाख की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार

0
216

दमोह

दमोह के तेंदूखेड़ा नगर पंचायत में लोकायुक्त ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। ठेकेदार से 30 लाख के बिल के बदले एक लाख की रिश्वत लेते सीएमओ प्रकाश पाठक और अकाउंटेंट जितेंद्र श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों नगर पंचायत में अपने दफ्तर में ही रिश्वत ले रहे थे। मामले में सब इंजीनियर अशोक शाह को भी आरोपी बनाया गया है। रिश्वत का 40% हिस्सा सीएमओ और 60% हिस्सा अकाउंटेंट और सब इंजीनियर का था।

नगर परिषद ठेकेदार बीएल बड़ेरिया ने बताया कि उसने शिक्षक कालोनी में सीसी सड़क और नाली निर्माण कराया था। जिसका भुगतान लगभग 30 लाख था। निर्माण कार्य होने के बाद भी नगर परिषद के सीएमओ, उपयंत्री और अकाउंटेंट भुगतान के बदले रिश्वत मांग रहे थे। सीएमओ उससे 13 प्रतिशत का कमीशन मांग रहे थे।

बीएल बड़ेरिया के अनुसार कमीशन न देने के कारण सीएमओ द्वारा उसके बिल पास नहीं किए जा रहे थे। कई बार अनुरोध किया, लेकिन सीएमओ ने उसकी नहीं सुनी। इसलिए उसे मजबूर होकर सागर लोकायुक्त में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

सागर लोकायुक्त डीएसपी राजेश खेड़े ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद लोकायुक्त टीम उसके साथ सीएमओ कार्यालय पहुंची। लोकायुक्त टीम ने उन्हें कैमिकल लगे नोट दिए और जैसे ही सीएमओ, अकाउंटेंट ने उन नोटों को लिया, लोकायुक्त टीम ने दोनों को पकड़ लिया। सब इंजीनियर दफ्तर नहीं आया था, इसलिए वह पकड़ा नहीं गया, लेकिन उसको भी आरोपी बनाया गया है।

पहले भी 54 हजार रुपए ले चुके थे
ठेकेदार बीएल बड़ेरिया ने​​​​​​​ बताया कि एक लाख रुपए से पहले भी उसने 54 हजार रुपए घूस में दे चुका है। इसमें से 36 हजार रुपए सब इंजीनियर अशोक शाह और 18 हजार रुपए अकाउंटेंट जितेंद्र श्रीवास्तव ने लिया था।

वार्ड मोहर्रर के रूप में हुई थी नियुक्ति

कुछ साल पहले प्रकाश पाठक की वार्ड मोहर्रर के रूप में तेंदूखेड़ा में नियुक्ति हुई थी। यहां कुछ साल काम करने के बाद प्रकाश पाठक ने प्रभारी सीएमओ के तौर पर बीते कुछ साल हिंडोरिया, पटेरा और पथरिया में सेवाएं दी। करीब 2 साल पहले प्रकाश पाठक को तेंदूखेड़ा सीएमओ का प्रभार दिया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here