शिक्षा विभाग की करोड़ों की संपत्ति पर्यटन को देने की तैयारी

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भोपाल
बेनजीर कॉलेज कोलार में शिफ्ट हो गया है। अब यहां पर एमव्हीएम कॉलेज बॉयस हॉस्टल बनाने की तैयारी में है। चूंकि पहले यहां पर गोखले हॉस्टल था, इसलिए फिर से इसे शुरू किया जा रहा है।  लेकिन शिक्षा विभाग की इस करोड़ों की प्रॉपर्टी पर पर्यटन निगम की नजर लग गई है।  क्योंकि पर्यटन निगम यहां होटल खोलना चाहता है।  शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने दो कदम आगे बढ़कर पर्यटन को जमीन देने के लिए पत्र भी लिख दिया है।  अब सवाल यह है कि हॉस्टल की जमीन होटल के लिए क्यों दी जा रही है ?

एमव्हीएम के गोखले हॉस्टल को 15 साल बाद दोबारा से शुरू किया जाएगा। हॉस्टल में 52 कमरे हैं, जिसमें 104 छात्रों को ठहरने की व्यवस्था होगी। हॉस्टल को व्यवस्थित करने के लिए एमव्हीएम ने 104 पलंग के अलावा बिजली और पानी के साथ फर्नीचर की व्यवस्था कर दी है। इसमें कॉलेज प्रबंधन का लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। हॉस्टल शुरू होने के बाद प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले बाहरी छात्रों को हॉस्टल में कमरे आवंटित करेगा। कोई कमरा रिक्त रह जाता है, तो कॉलेज सीनियर विद्यार्थियों को भी कमरे आवंटित कर सकता है।

एमव्हीएम राजधानी का पहला कॉलेज होगा, जिसमें छात्रों को हॉस्टल होगा। अभी तक सिर्फ नूतन, गीतांजलि और एलएलबी गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था है।  ज्ञात हो कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोपाल कृष्णा गोखले के नाम से एमव्हीएम में गोखले हॉस्टल स्थापित किया था। 2005 में हॉस्टल को बंद कर दिया गया था। इसके बाद भवन में 2008 में बेनजीर कॉलेज को स्थानांतरित किया गया।

एमपी टूरिज्म विभाग एमव्हीएम की प्रॉपर्टी पर चारों तरफ से नजरें जमाए बैठा है। मिंटो हाल से एमव्हीएम की लैब और कमरों के निर्माण कार्य को बाधित किए हुए हैं। अब उसकी नजर गोखले हॉस्टल पर है। विभाग हॉस्टल में होटल संचालित करना चाहता है। उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन ने मप्र टूरिज्म के मंशा के मुताबिक कॉलेज प्रबंधन को गोखले हॉस्टल में होटल खोलने की सहमति देने के लिए पत्र दिया है।

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