रमन और पात्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत , छत्‍तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज

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 रायपुर
 सुप्रीम कोर्ट ने कथित रूप से फर्जी टूलकिट मामले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भाजपा नेता संबित पात्रा को राहत दी है। कोर्ट ने रमन-पात्रा के खिलाफ जांच पर रोक लगाने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ सरकार की दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करने से बुधवार को इंंकार कर दिया। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने कहा, "इस मामले पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट को फैसला करने दीजिए।" पीठ ने कहा कि विभिन्न अदालतों में टूलकिट मामले संबंधी कई मामले लंबित हैं, इसलिए मौजूदा मामलों से विशेष रूप से निपटा नहीं जा सकता।

राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले के रिकार्ड का जिक्र करना चाहा तो पीठ ने कहा, 'अपनी ऊर्जा यहां व्यर्थ मत कीजिए। हम विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। हम एसएलपी खारिज करते हैं।" शीर्ष कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से फर्जी टूलकिट मामले संबंधी याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया और कहा कि इस मामले पर पहले की टिप्‍पणियों से प्रभावित हुए बिना फैसला किया जाए।

हाई कोर्ट ने 11 जून को दो अलग-अलग आदेश पारित किए और सिंह एवं पात्रा के खिलाफ दायर प्राथमिकी के संदर्भ में उन्हे अंतरिम राहत दी थी। अदालत ने कहा था कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप दर्शाते हैं कि ट्वीट ने कांग्रेस नेताओं को क्रोधित किया। यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ट्वीट ने सार्वजनिक शांति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं डाला और यह दो राजनीतिक दलों के बीच केवल राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का मामला है।

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