पाठक और रचनाकार के बीच में रिश्ता जुड़े – पन्त

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नर्मदा भवन में , नर्मदा चेरिटेबल पब्लिक ट्रस्ट की वेबसाईट और "क्षणिकाएं" किताब का विमोचन तथा संवाद ऑनलाइन न्यूज पोर्टल का लोकर्पण      

भोपाल
आज साहित्य बड़ी तादाद में लिखा जा रहा है लेकिन इसे पढ़ने औऱ समझने वाले लोगों की संख्या कम है। पाठक को अपने भीतर पाठकीय संवेदना जगानी होगी तभी वह रचना के मर्म तक पहुच सकता है और रचनाकार भी एसी रचना करे कि पाठक  सहजता से जुड़ता चला जाये।

यह कहना है वरिष्ठ हिंदी सेवी और पत्रकार श्री कैलाश चंद्र पंत का । वे आज तुलसी नगर नर्मदा भवन के पंडित रामेश्वर दास गार्गव सभागार में नर्मदा चैरिटेबल ट्रस्ट की वेबसाइट और नवोदित रचनाकार श्रीमती गीता गार्गव शर्मा की किताब  "क्षणिकाएं भावो की अभिव्यक्ति" के लोकार्पण अवसर पर अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. यतींद्र नाथ राही थे । पंत ने आगे कहा कि आज जब लोग श्रजन से दूर हो चले  है ऐसे में युवा रचनाकार गीता का किताब लिखना एक नई आशा का संचार करता है।

 लोकार्पण पर बोलते हुए डॉक्टर राही ने कहा यह कविताएं अतीत के मोह से दूर  करती दिखाई देती है। इनमे जीवन का सार छुपा हुआ है ।भले ही गीता शर्मा एक नई रचनाकार है, लेकिन उनकी रचनाओं में कविता के तत्व हैं इसके पूर्व अतिथियों ने ट्रस्ट की वेबसाइट तथा 'संवाद' आनलाइन न्यूज पोर्टल का लोकार्पण किया।

आरम्भ में ट्रस्ट की ओर से डॉक्टर एनडी गार्गव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि ट्रस्ट एक सामाजिक कल्याण का कार्य करता है निर्धन छात्रों को पढ़ाई और अन्य सुविधाओं के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है ।

ट्रस्ट की कार्यालय सचिव प्रियंका राजपूत ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। पूर्व इसके अतिथियों का स्वागत अतुल गार्गव, मुकेश भार्गव आलोक गार्गव,  दीपक पगारे, सुनील सिटोके और अखिल सिटोके ने अतिथियों का स्वागत किया रचनाकार गीता गार्गव ने अपनी रचना प्रक्रिया के साथ कुछ कविताओं का पाठ भी किया। श्रीमती दीपानीता गार्गव ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर शहर के अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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