एफडीआई के लिए जल्द सिंगल विंडो सिस्टम, बढ़ेंगे रोजगार के मौके

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नई दिल्ली
देश में विदेशी निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को दी जाने वाली मंजूरी में तेजी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम इसी हफ्ते लॉन्च कर सकती है। जानकारी के मुताबिक निवेशकों को कारोबारी गतिविधियों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उद्योग जगत को कारोबारी जरूरतों के लिए पूंजी जुटाने आसान हो जाएगा। इससे उनको विस्तार करने में मदद मिलेगी, जो देश में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक ये एक तरह का राष्ट्रीय स्तर का पोर्टल होगा जो अलग अलग राज्यों के साथ साथ केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से जुड़ा होगा। पोर्टल के स्वरूप को लेकर संबंधित विभागों कई दौर की बैठकों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। शुरुआत में इसका सॉफ्ट लॉन्च किया जाएगा बाद में उसकी सफलता के आधार पर देशव्यापी स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। उद्योग जगत का कहना है कि सरकार द्वारा एफडीआई के लिए सिंगल विंडो सिस्टम करने से बड़ा निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही इस फैसले से सभी अहम क्षेत्रों में र्थिक विकास पर सकारात्मक असर देखने को मिलेगा।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग यानि डीपीआईआईटी के दायरे में काम करने वाले इस डिजिटल प्लेटफॉर्म में निवेशकों को भारत में व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक विभिन्न पूर्व-संचालन अनुमोदनों की पहचान करने और आवेदन की अनुमति देगा। साथ ही इसके माध्‍यम से पूर्व-निवेश सलाह, लैंड बैंकों से संबंधित जानकारी और केंद्र के साथ साथ राज्य स्तर पर मंजूरी की सुविधा भी मिलेगी। साथ ही कारोबारी की शुरू से आखिर तक हर तरह की जरूरी सहायता की कोशिश की जाएगी ताकि उन्हें अलग-अलग जगहों पर न भटकना पड़े।

प्रक्रिया समय को कम करना उद्देश्य
सरकार की कोशिश है कि उद्योग जगत से जुड़े निवेश को मंजूरी की प्रक्रिया में कारोबारी का समय कम से कम लगे ताकि उसका फायदा तुरंत से मिलना शुरू हो जाए। इस दिशा में केंद्र सरकार आने वाले दिनों में सचिवों का एम्पार्ड ग्रुप भी बनाने पर भी विचार कर रही है ताकि अलग-अलग विभागों और प्रोजेक्टों में निवेश से जुड़े फैसले जल्दी हो सकें।

13 फीसदी बढ़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्तवर्ष 2020 में भारत में करीब 50 बिलियन डॉलर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई आया है जो इसके पिछले वित्तवर्ष के मुकाबले 13 फीसदी ज्यादा है। वहीं इस साल की बात की जाए तो अप्रैल से जुलाई तक देश में 20 बिलियन डॉलर एफडीआई आ चुका है। सरकार इस रफ्तार को और बढ़ाना चाहती है। बड़े पैमाने पर देश में एफडीआई आने से अलग अलग क्षेत्रे में रोजगार बढ़ने की भी संभावनाए हैं।

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