जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंगः 2 साल से था आना-जाना, 15 दिन पहले भी शोपियां गए थे पूरन भट

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जम्मू
 
जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने शनिवार को कश्मीरी पंडित पूरन भट की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। आतंकियों ने उन्हें तब निशाना बनाया जब वो बगीचे में जाने के लिए घर से निकले थे। उन्हें गोली घर के पास पीछे से मारी गई। पूरन भट के रिश्तेदारों का कहना है कि कोरोना महामारी से पहले साल 2020 की शुरूआत में अपनी पत्नी और दो बच्चों के रहने के लिए जम्मू में व्यवस्था करने के बाद पूरन कृष्ण भट अक्सर शोपियां स्थित अपने भाई के सेब के बाग की देखभाल करने जाते थे, लेकिन उन्हें कभी कोई समस्या नहीं हुई। 15 दिन पहले भी वह शोपियां गए थे।

पुलिस ने बताया कि जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले में शनिवार को आतंकवादियों ने भट की गोली मार कर हत्या कर दी थी। भट के एक रिश्तेदार ने बताया कि भट का परिवार शोपियां में रहता था, लेकिन महामारी की शुरूआत होने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी तथा पांचवीं कक्षा में पढ़ रहे बेटे और सातवीं कक्षा में पढ़ रही बेटी के रहने के लिए जम्मू में व्यवस्था कर दी थी।

जम्मू में पूरन के एक पड़ोसी ने कहा, ''सरकार को इस तरह की हत्याओं को रोकने के लिए अवश्य कुछ करना चाहिए।'' अधिकारियों ने बताया कि भट का पार्थिव शरीर शनिवार रात यहां लाया जाएगा और अंत्येष्टि आज होगी। जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी प्रमुख रामबन भल्ला ने कहा कि यह केंद्रीय गृह मंत्रालय की बड़ी नाकामी है, जिसके पास केंद्र शासित प्रदेश के कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है।

भल्ला ने यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कश्मीर में बेकसूर लोगों की जान बचाने के लिए तुरंत और प्रभावी उपाय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को हाल के समय में चुनिंदा तरीके से, खासतौर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों (कश्मीरी पंडितों) की हुई हत्या पर बोलना चाहिए। उधर, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नवाब नासिर ने एक बयान में कहा, ''कश्मीर में रक्तपात बेरोकटोक जारी है और भाजपा सरकार तथा उपराज्यपाल प्रशासन स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहा है।

 

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