5.5 साल बाद भी शुरू नहीं किया काम, कोकाकोला से जमीन वापस लेगी सरकार

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भोपाल
मध्यप्रदेश में बड़े औद्योगिक घराने राज्य सरकार से रियायती दरों पर जमीन और अन्य सुविधाएं तो हासिल कर लेती है लेकिन समय पर काम शुरु नहीं करती।  ऐसी ही एक बड़ी कंपनी कोकोकोला ने मध्यप्रदेश के मोहासा बाबई औद्योगिक क्षेत्र में सरकार से सौ एकड़ जमीन हासिल कर कोकोकोला बाटलिंग प्लांट शुरु करने और प्रदेश के हजारों युवाओं को  रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन जमीन लिए साढ़े पांच साल से भी अधिक समय बीत जाने के बाद कोई कामकाज शुरु नहीं हो पाया है।

इसके चलते राज्य सरकार ने उनसे जमीन वापस लेने के लिए नोटिस थमाया है। कोकोकोला सहित छोटी-बड़ी डेढ़ सौ औद्योगिक इकाईयों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए है। मध्यप्रदेश में नये उद्योग शुरु कराने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनो ही सरकार प्रयास करती रही। दोनो राजनीतिक दलों के मुखियाओं ने प्रदेश में उद्योग शुरु करने के लिए उद्योगपतियों के लिए रेड कारपेट बिछाए। उन्हें रियायती दरों पर जमीन देने से लेकर सस्ती बिजली, रियायती दरों पर पानी, उद्योग शुरु करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम तक शुरु किए गए ताकि उद्योगपतियों को अनुमतियां प्राप्त करने  के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े।

उद्योगों के संचालकों ने भी उद्योग शुरु करने से लेकर प्रदेश के युवा बेरोजगारों को प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध कराने के वादे भी किए। राज्य सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने के नाम पर इसके लिए अलग से इंसेटिव देने, इन युवाओं के प्रशिक्षण, उत्पादों के पेटेंट और अन्य तकनीकी मदद के लिए भी कई तरह की योजनाएं और रियायतें देने की घोषणा की लेकिन अधिकांश उद्योग धरातल पर नहीं उतर पाए।  

 छोटी बड़ी डेढ़ सौ कंपनियों को जमीन वापस लेने के नोटिस थमाए गए है। कुछ कंपनियों ने काम शुरु नहीं किया है तो कुछ कंपनियां बंद पड़ी है। कुछ ने इकाई लगा दी लेकिन उत्पादन शुरु नहीं किया। किसी ने प्रदेश के युवाओं को कोई रोजगार नहीं दिया। किसी का लीजरेंट जमा नहीं है तो किसी ने प्रीमियम राशि ही नही दी। अब ऐसे सभी औद्योगिक भूखंड वापस लेने के लिए नोटिस जारी किए गए है।

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