कैप्टन ने किया सिद्धू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने का फैसला

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 चंडीगढ़

यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के बगावती सुर एक बार फिर तेज हो गए हैं. अमरिंदर सिंह ने साफ कहा है कि अगर कांग्रेस सिद्धू को सीएम का चेहरा बनाती है तो उनके खिलाफ अमरिंदर बड़ा उम्मीदवार खड़ा करेंगे. अमरिंदर ने नई सरकार में सिद्धू को सुप्रीम सीएम बनाने का आरोप भी लगाया. इतना ही नहीं पहली बार अमरिंदर राहुल और प्रियंका गांधी को लेकर भी खुलकर बोले. अमरिंदर ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को अनुभवहीन बताया. वहीं उनके सलाहकारों पर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया.

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने तीन हफ्ते पहले सोनिया गांधी को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने पद पर बने रहने के लिए ही कहा था. उन्होंने कहा, 'अगर वो मुझसे पद छोड़ने को कहतीं, तो मैं उसी वक्त छोड़ देता.' उन्होंने कहा, 'एक सैनिक होने के नाते, मुझे पता है कि कैसे काम करना है.'

गांधी भाई-बहन को उनके सलाहकार गुमराह कर रहे थे

उन्होंने बताया कि उन्होंने सोनिया गांधी को कहा था कि वो पंजाब में कांग्रेस को जीत दिलाने के बाद अपना पद छोड़ने को तैयार हैं और किसी और को कमान सौंपने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, 'लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसलिए मैं लड़ूंगा.' उन्होंने कहा कि गुप्त तरीके से विधायक दल की बैठक बुलाई गई, जिससे उन्होंने अपमानित महसूस हुआ. कैप्टन ने कहा, 'मैं किसी विधायक को गोवा या दूसरी नहीं ले जाता. मैं ऐसा काम नहीं करता. मैं नौटंकी नहीं करता. गांधी भाई-बहन जानते हैं कि ये मेरा तरीका नहीं है.' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उनके बच्चों की तरह है और उनके साथ जो हुआ, उससे वो आहत हैं. कैप्टन ने कहा कि गांधी भाई-बहन अनुभवहीन थे और उनके सलाहकार उन्हें गुमराह कर रहे थे.

उन्होंने अपने सभी राजनीतिक विकल्प खुले होने की बात पर कहा कि वो अपने करीबियों से बात कर रहे हैं. अपनी उम्र बढ़ने पर चुटकी लेते हुए कहा, 'आप 40 की उम्र में बूढ़े हो सकते हैं और 80 की उम्र में जवान हो सकते हैं.' उन्होंने कहा कि अपनी बढ़ती उम्र को उन्होंने कभी बाधा के रूप में नहीं देखा. उन्होंने कहा कि वो 7 बार विधानसभा और दो बार संसद के सदस्य रहे हैं और उनके साथ कुछ सही होना चाहिए था.

जो मेरी शिकायत करते थे, अब वो सत्ता में हैं

बेअदबी और नशीली दवाओं के मामले में बादल और मजीठिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के आरोपों पर कैप्टन ने कहा कि वो कानून को अपना काम करने देने में विश्वास रखते हैं. कैप्टन ने कहा कि 'जो लोग मेरे खिलाफ शिकायत करते थे, अब वो सत्ता में हैं, वो अकाली नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दें.' खनन माफिया में शामिल मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर कैप्टन ने सिद्धू पर तंज कसते हुए कहा, 'अब वही मंत्री उनके साथ हैं.'

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि वेणुगोपाल या अजय माकन या रणदीप सुरजेवाला ये तय करने वाले होते हैं कि किस मंत्रालय के लिए कौन सही है. राज्य के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा, 'हमारा धर्म सिखाता है कि हम सभी बराबर हैं. मैं लोगों को उनकी जाति के आधार पर नहीं देखता. उनकी क्षमता के आधार पर देखता हूं.'

सिद्धू को बताया ड्रामा मास्टर

सिद्धू और चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर उन्होंने कहा, 'मेरे वक्त में बहुत अच्छे पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष थे. मैंने उनसे सलाह ली लेकिन उन्होंने मुझे कभी ये नहीं बताया कि सरकार कैसे चलाना है.' उन्होंने कहा कि सिद्धू अपनी शर्तें थोप रहे थे और चन्नी बस अपना सिर हिला रहे थे. उन्होंने कहा कि ये पंजाब के लिए दुखद स्थिति है कि जो सिद्धू अपना मंत्रालय नहीं संभाल सकते, वो कैबिनेट को मैनेज करेंगे. उन्होंने कहा, 'अगर सिद्धू सुपर सीएम की तरह बर्ताव करेंगे तो पार्टी काम नहीं कर पाएगी.' कैप्टन ने कहा कि 'ड्रामा मास्टर की लीडरशिप' में अगर पार्टी चुनावों में डबल डिजिट का आंकड़ा भी छू लेती है तो ये बड़ी बात होगी.

कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि चन्नी समझदार और शिक्षित हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनके पास गृह मंत्रालय संभालने का कोई अनुभव नहीं है. ये मंत्रालय इसलिए भी अहम है क्योंकि पंजाब 600 किमी की सीमा पाकिस्तान से साझा करता है और सालों से स्थिति गंभीर होती जा रही है.

चरणजीत सिंह चन्नी ने मुख्यमंत्री बनते ही बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी. इस पर कैप्टन ने कहा कि चन्नी ने वित्त मंत्री से चर्चा की होगी और उन्होंने कुछ सोचा होगा. उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि वो राज्य का दिवालिया नहीं होने देंगे.

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