बाल झड़ने के कारण

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ऐंड्रोजेनेटिक एलोपीशिया को आसान भाषा में गंजेपन का रोग भी कहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें किसी व्यक्ति के बाल वंशानुगत कारणों से झड़ते हैं। बालों से संबंधित यह समस्या घर के बड़े बुजुर्गों में भी रही होती है। जड़ सहित बाल झड़ने के लिए ऐंड्रोजेनेटिक एलोपीशिया एक बड़ी वजह है।
पुरुषों में इस समस्या को मेल पैटर्न बाल्डनेस कहा जाता है। इस स्थिति के चलते पुरुषों के बाल खोपड़ी से या माथे के ऊपर से झड़ना शुरू होते हैं और धीरे-धीरे गंजापन बढ़ता चला जाता है। जबकि महिलाओं में इस समस्या के कारण तेजी से पतले होते चले जाते हैं। ऐसा पूरे सिर पर एक-साथ होता है।

एलोपेशिया एरियाटा (Alopecia areata)

एलोपेशिया एरियाटा एक ऐसी समस्या है, जिसके चलते आपका अपना इम्यून सिस्टम आपके बालों की जड़ों को नुकसान पहुंचाने लगता है। ऐसा इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक प्रणाली में आए डिसआर्डर के कारण होता है।
इस डिसआर्डर के कारण बाल छोटे-छोटे गुच्छों के रूप में निकलते हैं और सिर में पैच बनते चले जाते हैं। इस डिसऑर्डर का असर आईब्रो और आई लैशेज पर भी हो सकता है। यानी इन हिस्सों के बाल भी झड़ सकते हैं और वहां पैच बन सकता है।

हॉर्मोन्स भी हैं बड़ी समस्या

बाल झड़ने का एक बड़ा कारण शरीर में हॉर्मोनल इंबैलंस भी होता है। हालांकि हॉर्मोन्स के कारण होने वाला हेयर लॉस टैंपोरेरी होता है। और सही देखभाल के बाद आप फिर से अपने सिर पर बाल उगा सकती हैं।
कुछ लोगों में हॉर्मोन्स की दिक्कत के कारण बाल झड़ते तो नहीं है लेकिन बहुत तेजी से पतले होते चले जाते हैं और कमजोर होकर बीच से चिरने लगते हैं या टूटने लगते हैं। पीसीओडी की समस्या से जूझ रही महिलाओं में हॉर्मोनल इंबैलंस के कारण भी हेयल फॉल की समस्या हो सकती है।

हेयर स्टाइलिंग और प्रॉडक्ट्स

आजकल अपने बालों को जिस तरह अलग-अलग तरह से स्टाइल करने का ट्रेंड है और जितनी भारी मात्रा में हेयर स्टाइलिंग प्रॉडक्ट्स का उपयोग हो रहा है, यह भी कई बार गंजेपन की तरफ बढ़ने की बड़ी वजह बन जाती है।
क्योंकि बालों पर उपयोग किए जाने वाले जिन प्रॉडक्ट्स में सोडियम लॉरिल सल्फेट और लॉरथ सल्फेट, सोडियम क्लोराइड, प्रोपलीन ग्लाइकोल जैसे इंग्रीडिऐंट होते हैं, वे सभी लोगों के बालों को रास नहीं आते और रिऐक्शन के कारण बाल तेजी से झड़ सकते हैं।

स्ट्रेस का बुरा असर

तनाव शरीर को कई अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करता है। मानसिक सेहत, त्वचा और बालों पर तनाव का असर बहुत जल्दी और साफ नजर आने लगता है। जो लोग लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, उन्हें भी बाल झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है। जो धीरे-धीरे गंजेपन में बदल सकता है।

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