गुर्जर महापंचायत को लेकर दादरी छावनी में तब्दील, कई गुर्जर नेताओं को पुलिस ने लिया हिरासत में

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ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा में दादरी के चिटहेड़ा गांव के मंदिर में रविवार को गुर्जर महापंचायत के लिए इकट्ठा हुए लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस और प्रशासन ने गुर्जर महापंचायत के आयोजन के लिए अनुमति नहीं दी है। इसके चलते दादरी में भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। महापंचायत में शामिल होने पहुंचे सपा नेता राजकुमार भाटी ने जब पुलिस की कार्रवाई के विरोध में दादरी में जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने भाटी और कई अन्य सपा नेताओं को भी हिरासत में लिया। वहीं, पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने कहा कि यह सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाना चाहती है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उपजे विवाद में दखल देते हुए रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे, लेकिन पार्टी के नेताओं ने उनकी जाति ही बदल दी, यह निंदनीय है। अखिलेश ने आज ट्वीट कर कहा, ''ये इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है। निंदनीय! छलवश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जान-बूझकर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन करके किसी एक पक्ष को अपनी तरफ करती रही है। हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!''
    
बता दें कि, दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में रविवार को गुर्जर समाज ने महापंचायत करने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने महापंचायत के लिए अनुमति नहीं दी। ग्रेनो के डीसीपी अभिषेक झा ने बताया कि दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में पुलिसबल तैनात किया गया है। बिना अनुमति महापंचायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर शुक्रवार को गुर्जर समाज के लोग विरोध में उतर आए। दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने-सामने थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर विवाद खत्म कर दिया था। इसके बाद प्रतिमा अनावरण के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द को लेकर राजनीति शुरू हो गई। मुख्यमंत्री योगी के जाने के बाद लोगों की भीड़ शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटा देखकर भड़क गई। आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया और दादरी विधायक तेजपाल नागर के खिलाफ नारेबाजी की। गुर्जर समुदाय के लोगों ने गुर्जर शब्द हटाने के विरोध में रविवार को महापंचायत का ऐलान किया था। अखिल भारतीय गुर्जर फ्रंट के अध्यक्ष नवीन भाटी ने बताया कि शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाकर समुदाय के लोगों के साथ धोखा किया गया है।  
 

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