जिन मच्छरों से डेंगू होता है, उनके लार्वा ठहरे हुए पानी में होते हैं

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रायपुर
डेंगू से बचाव, सावधानी और उपचार के संबंध में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ राकेश गुप्ता ने चिकित्सीय सलाह देते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों में डेंगू का प्रकोप इन दिनों देखने में आ रहा है। थोड़ी सी सावधानी से हम डेंगू से बचाव कर सकते हैं और जल्दी इलाज शुरू करने से उसके कंप्लीकेशन्स से बहुत जल्दी ठीक भी हो सकते हैं।

डॉ राकेश गुप्ता ने नागरिकों से कहा कि जिन घरों में या मोहल्लो में पानी का रुकाव होता हैं, कूलरों में, गमलो में या निचले स्थानों में बारिश का पानी रुका हुआ है, उसका निदान बहुत जरूरी है। जिन मच्छरों से डेंगू होता है। उनके लार्वा ठहरे हुए पानी में पनपते है। जल्दी से पानी निकाल देने से या उनको नहीं रुकने देने से डेंगू का लार्वा वहां नहीं पनपते है। ऐसे स्थानों को चिन्हित करना जरूरी है। नागरिकों ऐसे पानी को तुरंत निकला जाना चाहिए, जरूरत पड?े पर संबंधित नगर निगम अधिकारियों को सूचित करें, जनप्रतिनिधियों को सूचित करें या स्वयं के पहल से उस पानी को निकालें ताकि वहां पर डेंगू का लार्वा नहीं पनपे।

डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि यदि आपको बुखार है तो डेंगू का टेस्ट सारे सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। वहां जाकर इलाज करवाएं। चिकित्सक की मदद से तुरन्त इलाज शुरू करवाये। डेंगू की पहचान भी चिकित्सालय द्वारा कराया जाएगा। किसी तरह की पैनिक या चिंता करने की जरूरत नहीं है। डेंगू का इलाज बहुत आसान है।  उन्होंने कहा कि खून टेस्ट से जरूरी कंप्लीकेशन्स को जल्दी पहचाना जा सकता है। किसी प्रकार के ब्लड टेस्ट की जरूरत हो, तो इसकी सभी सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में सुविधा रहती है। थोड़ी से सावधानी से डेंगू से बचाव किया जा सकता है। डेंगू से लड?ा बहुत आसान है लेकिन हमें उससे होने से रोकना है। इसके लिए जन सहयोग की जरूरत है। सावधानी जरूरी है। इसके लिए ज्यादा से ज्यादा से सहयोग करें, आसपास सफाई रखे ताकि किसी भी प्रकार की पानी की रुकावट ना हो।

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