वैक्सीन की पहली डोज के बाद आया बुखार, मेडिकल कॉलेज के चौकीदार की मौत

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जबलपुर
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल कॉलेज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कोरोना वैक्सीन लगने के बाद वहां के चौकीदार की मौत हो गई. वैक्सीन लगने के बाद उन्हें बुखार हो गया था. चौकीदार की मौत पर परिजनों और कर्मचारी संघ ने प्रशासन पर वैक्सीन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है. आरोप है कि अस्वस्थ होने के बावजूद उन्हें वैक्सीन लगाई गई.

जानकारी के मुताबिक, मृतक भगवान दास गोतेले को 23 सितंबर को वैक्सीन का पहला डोज लगा था. इसके एक घंटे बाद भगवान दास को तेज बुखार आ गया. उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई. बुखार के साथ-साथ उनके पेट का दर्द भी बढ़ गया. दवा खाने के बाद भी उनका बुखार ठीक नहीं हुआ. आखिरकार भगवान दास ने शनिवार की रात दम तोड़ दिया. उनकी मौत के बाद परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि शासन की ओर से एक आदेश जारी कर कहा गया है कि वैक्सीन न लगवाने वाले कर्मियों को वेतन नहीं दिया जाएगा. इसी वजह से भगवान दास ने वैक्सीन लगवाई थी.

दूसरी ओर, चौकीदार की मौत की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत शव को कब्जे में ले लिया. उनकी मौत की वजह जानने के लिए शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही भगवान दास की मौत की वजह सामने आएगी.

कोरोना वैक्सीनेशन अभियान सफल होता नजर आ रहा है. प्रदेश में अब तक 6 करोड़ 2 लाख 39 हजार 387  लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है. इनमें से 4 करोड़ 65 लाख 75 हजार 590 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज और 1 करोड़ 36 लाख 63 हजार 797 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है. जनसंख्या के आधार पर पहला डोज लगाने के मामले में प्रदेश देश के टॉप-10 राज्यों में पहले स्थान पर है. अब शत्-प्रतिशत जनता को वैक्सीन का पहला डोज लगाने के लिए 27 सितंबर को टीकाकरण महाअभियान-4 आयोजित होगा.

गौरतलब है कि, जनसंख्या के आधार पर पहला डोज लगाने के मामले में प्रदेश ने बाकी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. प्रदेश में चलाए जाए रहे वैक्सीनेशन के महा-अभियान में 21 जून को 17 लाख 62 हजार 838, 25 अगस्त को 24 लाख 94 हजार 563 और 17 सितम्बर को 29 लाख 22 हजार 537 डोज लगाए गए. प्रदेश ने हर महाअभियान में एक दिन में सबसे ज्यादा डोज लगाने का रिकॉर्ड कायम किया.

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