चुनाव आयोग संग मीटिंग में बीजेपी ने की ममता बनर्जी की शिकायत

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नई दिल्ली 
पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर उप-चुनाव से पहले भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात की और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कई कदम उठाने की मांग की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने यह आरोप भी लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस उसके समर्थकों के खिलाफ हिंसा का सहारा ले रही है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष पर हुए कथित हमले का हवाला भी दिया।

चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि बीजेपी ने इस मुलाकात में आयोग से मांग की है कि वो पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, 'हमने चुनाव आयोग से मुलाकात की है और कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव औऱ हिंसा एक-दूसरे के पूरक बन गये हैं। ऐसा नजर आता है जैसे दीदी और उनके कार्यकर्ता चुनाव से ज्यादा हिंसा पर भरोसा करते हैं। दिलीप घोष पर हुआ हमला यह दर्शाता है कि टीएमसी और पश्चिम बंगाल सरकार हिंसा को प्रजातंत्र मानती है। हमने कार्रवाई की मांग की है।'

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ईसी ने राज्य सरकार से उस घटना की रिपोर्ट मांगी है जिसमें 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, 'हमें लगता है कि यह गिरफ्तारियां सिर्फ आंखों पर पर्दा डालने के लिए हैं। इस हमले के पीछे टीएमसी कार्यकर्ताओं की मानसिकता है कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त किया जाए। हमने पूरी घटना की एक ऑडियो डिजिटल सीडी आयोग को सौंपी है। हमने आयोग से मांग कि है कि माइक्रो-ऑबजर्बस की तैनाती की जाए।' 
 
आपको बता दें कि इससे पहले भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया था कि भवानीपुर उप-चुनाव के लिए प्रचार करते वक्त टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनपर हमला किया था और उन्हें गालियां दी थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके साथ मौजूद एक भाजपा कार्यकर्ता की पिटाई भी की गई थी। पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी ने निर्वाचन आयोग से यह आग्रह भी किया कि मतदान वाले दिन 30 सितंबर को विधानसभा क्षेत्र में निषेधाज्ञा लगाई जाए तथा केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए ताकि आयोग के दिशानिर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित हो सके।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, मुख्तार अब्बास नकवी और अनुराग ठाकुर भाजपा के इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। यादव ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह अपने प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए हिंसा का सहारा ले रही है। आयोग को दिए प्रतिवेदन में भाजपा ने आग्रह किया कि क्षेत्र में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ाई जाए। उसने यह भी कहा कि केंद्रीय पुलिस बलों की कम से कम 40 कंपनियां तैनात की जाएं ताकि भवानीपुर के हर बूथ पर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता हो सके। बीजेपी प्रतिनिधिन मंडल ने मांग की है कि स्थानीय पुलिस या होमगार्ड की ड्यूटी नहीं लगाई जाए।

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